अगर आप बाजार के आटे की बजाय घर में ताजा पिसे आटे का इस्तेमाल करें तो इससे शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्त्व तो मिलेंगे ही, साथ ही सेहत भी दुरुस्त रहेगी। ताजा आटा विटामिन बी और विटामिन ई से भरपूर होता है।

ताजे आटे के लिए आटा चक्की एक बेहतरीन विकल्प के रूप में मार्केट में मौजूद है, जिसके माध्यम से आप मनचाहे आटे की क्वालिटी घर में ही प्राप्त कर सकते हैं। क्या हैं इसकी विशेषताएं, बता रहे हैं ्मा उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से में चावल की बजाय पिसे हुए अनाज का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यह इस्तेमाल रोटियों के रूप में अधिक होता है। गेहूं, मक्का, बाजरा की रोटियां खाना लोग खूब पसंद करते हैं।

आटा चक्की की कहानी भी बहुत पुरानी है। जब बिजली नहीं थी तो छोटे कस्बों व गांव-देहात की महिलाएं अपने घरों में ही पत्थर के दो पाटों से बनी हाथ की चक्की से आटा पीस लिया करती थीं। इस हाथ की चक्की को गांव की भाषा में कहीं-कहीं चाखी तो कही जाता बोला जाता था। बिजली से चलने वाली आटा चक्की सिर्फ शहरों में ही होती थी। धीरे-धीरे गांव-कस्बों में विकास होता गया, तो बिजली की सहायता से चलने वाली चक्कियां भी आ गईं। इनके आने से महिलाओं को बहुत राहत मिली, क्योंकि हाथ की चक्की से आटा पीसने में उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। धीरे-धीरे जनसंख्या के बढ़ने के साथ आटे की खपत बढ़ी तो चक्कियों की जगह बड़े फ्लोर मिलों ने ले ली। समय के अभाव के चलते लोगों ने चक्कियों पर आटा पिसवाने की बजाय फ्लोर मिलों का आटा लेना पसंद किया। फ्लोर मिलों के कई ब्रांडों के आटे आज खूबसूरत पैकिंग के साथ बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग जरूरत के मुताबिक दुकानों से खरीद लाते हैं। न गेहूं साफ करने का झंझट और न पिसवाने का। लेकिन इन आटों की भी शिकायत होने लगी है कि ये ज्यादा महीन पिसे होते हैं, अनाज की क्वालिटी घटिया होती है, जिससे पेट के खराब होने की आशंका हो जाती है। कई ब्रांड मोटा पिसा आटा बनाने की भी बात करते हैं। लेकिन ज्यादातर महीन आटा ही बाजार में मिलता है। अगर सेहत का ध्यान रखते हुए चक्की से आटा लाएं तो वह भी ठीक नहीं मिलता। वहां भी वही पुराना व नया मिलाकर बिना साफ किया गला-सड़ा अनाज पीस कर बेच दिया जाता है। इन दिक्कतों को देखते हुए कई कंपनियों ने घरेलू इस्तेमाल की छोटी-छोटी आटा चक्की बनाई हैं, जिनका घरों में बखूबी उपयोग किया जा रहा है। घर पर पिसे आटे की रोटियों का आनंद ही कुछ और होता है। इससे परिवार की सेहत के साथ-साथ आत्मसंतुष्टि भी प्राप्त हो रही है। घरेलू आटा चक्की आज की जरूरत बन गयी है। ऐसी ही जरूरत को पूरा करने के लिए घरेलू आटा चक्की की रेंज में ने बेहतरीन आटा मेकर बाजार में उतारा है।

आटा चक्की की खूबियां किचिन का आवश्यक हिस्सा होने के साथ-साथ यह चक्की वजन में हल्की और इस्तेमाल में बहुत आसान तथा दिखने में खूबसूरत भी है। इसे आपकी मॉडर्न किचन के लिए इस तरह डिजाइन किया गया है, जो आपकी मॉडर्न लाइफ स्टाइल को भी कॉम्पलीमेंट दे। चक्की का इस्तेमाल बहुत आसान है। इसके होपर में आसानी से अनाज डालिये और जैसा चाहें अपनी पसंद के अनुसार महीन, मझोला यानी मीडियम या मोटा दरदरा पिसा अनाज आपको तुरंत और आसानी से मिल जाएगा। इससे आप टेंशन फ्री रहेंगे और दूसरी परेशानियों से भी बचेंगे। यह आटा चक्की सहज रूप से हर घंटे में 9 किलो अनाज पीसती है और इसकी 2 साल की गारंटी है। इसमें एक हॉर्सपावर सिंगल फेज की हाई टेक मोटर लगी है, जो 175 की कम वोल्टेज के साथ भी आसानी से चलती है। इसमें बिजली की खपत भी ज्यादा नहीं होती। यह एक घंटे में सिर्फ 0.75 यूनिट ही लेती है और 7 मिनट में 1 किलो आटा पीसती है। इसके ग्राइंडिंग ब्लेड एक स्पीड पर नियंत्रित रहते हैं और आटा हीट नहीं होता, जिससे इसका ऑरिजनल टेस्ट और सुगन्ध बरकरार रहते हैं। इस तरह यह आटा पचने में भी आसान होता है। रखरखाव भी आसान जहां तक इस आटा मेकर की साफ-सफाई की बात है तो इसमें इनबिल्ट वैक्यूम क्लीनिंग सिस्टम है, जिससे यह आसानी से साफ हो जाती है। इसका अल्ट्रा स्पेशल फिल्टर आटे को ठंडा रखता है, जिसकी वजह से आटे की पौष्टिकता बरकरार रहती है। एक समय में इसकी स्टोरेज कैपेसिटी तीन किलो से पांच किलो अनाज की है और ग्राइंडिंग कैपेसिटी है 8 से 12 किलोग्राम प्रति घंटा। इसमें एक ऑप्शन भी है। आप चाहें तो इसमें 100 ग्राम अनाज भी पीस सकते हैं।

ताजा पिसा आटा आपको और आपके प्रिय परिवार को तरोताजा और खुशमिजाज बनाए रखता है। आप चपाती, रोटी, परांठा मजा लेकर खा सकते हैं। जब भी अपनी रेसिपी के लिए आप गेहूं, बाजरा, मक्का, चावल, दलिया, मल्टीग्रेन आटा और दूसरे अन्य अनाजों को पीसना चाहें तो होम फ्लोर मिल का इस्तेमाल सबसे बेहतर रहता है। आप इस मेकर में मसाले भी पीस सकते हैं। जब घर में ताजा पिसा आटा होता है तो हर किसी की इच्छा होती है कि वह घर की बनी हुई स्वादिष्ट चपातियों का आनंद ले। घर पर पिसा ताजा आटा विटामिन बी और विटामिन ई से पूरी तरह भरपूर होता है। इस आटे में फाइबर भी होता है, जो कि शरीरिक पोषण के लिए आवश्यक है। यही नहीं, ताजा पिसा आटा साफ व रुचिकर तो होता ही है, साथ ही इससे आप अन्य चीजें बनाते हैं तो उनका स्वाद भी बढ़ा देता है और शरीर में आसानी से पच भी जाता है। न्यूट्रीशनिस्ट्स मानते हैं कि जो आटा ताजा पिसा हुआ होता है, उसमें पौष्टिक तत्त्व उन आटों से बहुत ज्यादा होते हैं, जो कुछ दिनों या सप्ताहों पुराने हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे खुद के लिए और अपने परिवार के लिए ऐसे आटे का इस्तेमाल करें जो पौष्टिकता और स्वाद में सबसे बेहतर हो, और ये पोषण संबंधी लाभ मिलेंगे सिर्फ होम फ्लोर मिल से।

घरेलू आटा चक्की के फायदे घर में ताजा पिसा आटा मिलेगा। ताजे पिसे हुए आटे में स्वास्थ्य से जुड़े फायदे तो मिलते ही हैं, इसका स्वाद व सुंगध भी बरकरार रहते हैं। शुद्धता के मामले में घरेलू आटा चक्की का आटा शत प्रतिशत खरा होता है।

इसके बने आटे में शरीर के लिए पोषण संबंधी सभी आवश्यक तत्व मौजूद रहते हैं। वैसे शरीर को अपना काम करने के लिए 49 पोषक तत्वों की रोजाना आवश्यकता होती है। सबसे बड़ी बात यह कि जब जरूरत हो तब आटा पीस लें।

सबसे बड़ा फायदा यह कि फसल के मौसम में पूरे साल के लिए अनाज खरीद लें, जो सस्ता भी पड़ेगा और पूरे साल शुद्ध ताजे आटे की रोटियां का मजा लेंगे।